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Fears Of Oil Spill Emergency As Cargo Ship That Burnt For 13 Days Off Coast Of Sri Lanka Is Now Sinking – श्रीलंका के नजदीक डूब रहा है मालवाहक जहाज, लोगों में बढ़ रहा है गुस्सा


सार

श्रीलंका के तट के पास केमिकल से लदा एक मालवाहक जहाज डूबने की कगार पर है। इस वजह से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

श्रीलंका तट पर डूब रहा जहाज
– फोटो : Sri Lanka Air Force Media

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सिंगापुर में रजिस्टर एक्स-प्रेस पर्ल नाम के इस जहाज में पिछले लगभग दो हफ्तों से आग लगी हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि अब इससे रिस कर सैकड़ों टन इंजन ऑयल समंदर में पहुंचने से समुद्री जीवों को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।श्रीलंका और भारत की नौसेनाएं मिलकर पिछले कुछ दिनों से आग बुझाने की कोशिश कर रही थीं, ताकि ये टूटकर डूब न जाए। मगर समुद्र में उठती तेज लहरों और मॉनसूनी हवाओं के कारण इस काम में कई बार मुश्किलें आईं।

अब क्या है योजना
श्रीलंका की नौसेना के प्रवक्ता, कैप्टन इंडिका सिल्वा ने बीबीसी को बताया, “जहाज डूब रहा है। डूबने से पहले इसे गहरे समंदर की ओर ले जाने की कोशिश हो रही है, ताकि तटीय इलाके का पानी दूषित न हो।” श्रीलंका के नेगोम्बो शहर के नजदीक का तटीय इलाका देश के सबसे पुराने तटों में से एक है। पिछले कुछ दिनों से यहां तेल और मलबा देखा जा रहा है।

इस बीच मत्स्य पालन विभाग के राज्यमंत्री ने नेगोम्बो खाड़ी से जहाजों के आने और पानादुरा से नेगोम्बो तक मछली पकड़ने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इससे पहले कंपनी ने कहा है कि जहाज अपनी मौजूदा जगह पर डूब रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि खाड़ी और इसके आसपास के इलाके को किसी भी तरह के मलबे या लीक होने वाले तेल के नुकसान से बचाने के लिए सभी आपातकालीन एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

सिंगापुर की एक्स-प्रेस शिपिंग इस जहाज की मालिक कंपनी है। कंपनी ने पुष्टि की है कि जहाज के कर्मचारियों को इस लीक की जानकारी थी। कंपनी के मुताबिक कर्मचारियों ने बताया कि जहाज में आग लगने से पहले कतर और भारत ने उन्हें जहाज छोड़कर जाने की इजाजत नहीं दी थी।

श्रीलंका के लोगों में गुस्सा
दो देशों के इजाजत न देने के बाद श्रीलंका ने इस जहाज को अपनी सीमा में आने की इजाजत दी। ये तथ्य सामने आने के बाद से आम जनता में काफी गुस्सा है।

अधिकारियों ने जहाज के कप्तान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कप्तान और जहाज के अन्य कर्मचारियों को पिछले सप्ताह बचाया गया था। मंगलवार को श्रीलंका पुलिस ने कहा कि उन्होंने जहाज के कप्तान और इंजीनियर से 14 घंटे तक पूछताछ की है।

वहीं एक अदालत की ओर से जारी आदेश के बाद जहाज के कप्तान, चीफ इंजीनियर और अन्य इंजीनियर देश छोड़कर नहीं जा सकते। सिंगापुर के झंडे वाले इस मालवाहक जहाज ने अपने एक कंटेनर से केमिकल लीक होने की वजह से लगी आग की जानकारी दी थी, जिसके बाद से ये कोलंबो के पोर्ट पर खड़ा है।

दुनिया की सबसे बड़ी फीडर ऑपरेटर कंपनी एक्स-प्रेस फीडर्स का 186 मीटर लंबा ये मालवाहक जहाज कुल 1,486 कंटेनर ले जा रहा था। इनमें 25 टन नाइट्रिक एसिड समेत कई अन्य केमिकल और कॉस्मेटिक्स थे। 15 मई 2021 को ये जहाज भारत के हजीरा पोर्ट से रवाना हुआ था।

विस्तार

सिंगापुर में रजिस्टर एक्स-प्रेस पर्ल नाम के इस जहाज में पिछले लगभग दो हफ्तों से आग लगी हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि अब इससे रिस कर सैकड़ों टन इंजन ऑयल समंदर में पहुंचने से समुद्री जीवों को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।श्रीलंका और भारत की नौसेनाएं मिलकर पिछले कुछ दिनों से आग बुझाने की कोशिश कर रही थीं, ताकि ये टूटकर डूब न जाए। मगर समुद्र में उठती तेज लहरों और मॉनसूनी हवाओं के कारण इस काम में कई बार मुश्किलें आईं।

अब क्या है योजना

श्रीलंका की नौसेना के प्रवक्ता, कैप्टन इंडिका सिल्वा ने बीबीसी को बताया, “जहाज डूब रहा है। डूबने से पहले इसे गहरे समंदर की ओर ले जाने की कोशिश हो रही है, ताकि तटीय इलाके का पानी दूषित न हो।” श्रीलंका के नेगोम्बो शहर के नजदीक का तटीय इलाका देश के सबसे पुराने तटों में से एक है। पिछले कुछ दिनों से यहां तेल और मलबा देखा जा रहा है।

इस बीच मत्स्य पालन विभाग के राज्यमंत्री ने नेगोम्बो खाड़ी से जहाजों के आने और पानादुरा से नेगोम्बो तक मछली पकड़ने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इससे पहले कंपनी ने कहा है कि जहाज अपनी मौजूदा जगह पर डूब रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि खाड़ी और इसके आसपास के इलाके को किसी भी तरह के मलबे या लीक होने वाले तेल के नुकसान से बचाने के लिए सभी आपातकालीन एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

सिंगापुर की एक्स-प्रेस शिपिंग इस जहाज की मालिक कंपनी है। कंपनी ने पुष्टि की है कि जहाज के कर्मचारियों को इस लीक की जानकारी थी। कंपनी के मुताबिक कर्मचारियों ने बताया कि जहाज में आग लगने से पहले कतर और भारत ने उन्हें जहाज छोड़कर जाने की इजाजत नहीं दी थी।

श्रीलंका के लोगों में गुस्सा

दो देशों के इजाजत न देने के बाद श्रीलंका ने इस जहाज को अपनी सीमा में आने की इजाजत दी। ये तथ्य सामने आने के बाद से आम जनता में काफी गुस्सा है।

अधिकारियों ने जहाज के कप्तान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कप्तान और जहाज के अन्य कर्मचारियों को पिछले सप्ताह बचाया गया था। मंगलवार को श्रीलंका पुलिस ने कहा कि उन्होंने जहाज के कप्तान और इंजीनियर से 14 घंटे तक पूछताछ की है।

वहीं एक अदालत की ओर से जारी आदेश के बाद जहाज के कप्तान, चीफ इंजीनियर और अन्य इंजीनियर देश छोड़कर नहीं जा सकते। सिंगापुर के झंडे वाले इस मालवाहक जहाज ने अपने एक कंटेनर से केमिकल लीक होने की वजह से लगी आग की जानकारी दी थी, जिसके बाद से ये कोलंबो के पोर्ट पर खड़ा है।

दुनिया की सबसे बड़ी फीडर ऑपरेटर कंपनी एक्स-प्रेस फीडर्स का 186 मीटर लंबा ये मालवाहक जहाज कुल 1,486 कंटेनर ले जा रहा था। इनमें 25 टन नाइट्रिक एसिड समेत कई अन्य केमिकल और कॉस्मेटिक्स थे। 15 मई 2021 को ये जहाज भारत के हजीरा पोर्ट से रवाना हुआ था।



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