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Ljp Conflict Paras Faction National President Election Today – लोजपा में दो फाड़: अध्यक्ष बनने के बाद पशुपति पारस बोले- प्रजातंत्र से चलती है पार्टी, भतीजा तानाशाह हो जाएगा तो चाचा क्या करेगा


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 17 Jun 2021 07:11 PM IST

सार

लोक जनशक्ति पार्टी में दो फाड़ होने के बाद पशुपति पारस को निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया । लोजपा कार्यालय में इसकी औपचारिक घोषणा भी कर दी गई। अध्यक्ष बनने के बाद पारस ने अपने भतीजे चिराग पासवान पर निशाना साधा।

लोजपा में दो फाड़
– फोटो : अमर उजाला

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 लोक जनशक्ति पार्टी आखिरकार दो गुटों में बंट गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए पशुपति कुमार पारस को अध्यक्ष चुन लिया गया है। गुरुवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पारस को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। गुरुवार की शाम लोजपा कार्यालय से इसका औपचारिक एलान भी कर दिया गया।  राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पशुपति पारस के नाम पर सांसदों ने एकमत से सहमति जताई। पार्टी की कमान संभालने के बाद पशुपति पारस ने चिराग पासवान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भतीजा तानाशाह हो जाएगा तो चाचा क्या करेगा। पार्टी प्रजातंत्र से चलती है और प्रजातंत्र है कोई जिंदगी भर अध्यक्ष नहीं रह सकता। 

अध्यक्ष बनने के बाद पशुपति पारस पांचों सांसदों और अन्य नेताओं के साथ पटना के लोजपा कार्यालय पहुंचे। वहां पर दिवंगत नेता और बड़े भाई रामविलास पासवान और रामचंद्र पासवान की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। पशुपति पारस ने कहा कि मेरी पार्टी के लोगों ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैं, मैं भरोसा दिलाता हूं कि पार्टी और जनता का विश्वास कभी नहीं टूटेगा। इस दौरान पशुपति पारस ने बड़े भाई रामविलास पासवान का भी जिक्र किया। पारस ने कहा कि बड़े भाई का सपना था कि समाज में गिरे तबके के लोगों के जीवनयापन में बदलाव लाना है,  बड़े भाई का सपना पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा। 

सूरजभान सिंह के आवास पर चली बैठक
इससे पहले लोजपा नेता सूरजभान सिंह के कंकड़बाग टीवी टॉवर स्थित उनके आवास पर चार घंटे से अधिक बैठक हुई। इसमें 10 प्रस्तावकों ने पारस का नाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए रखा। सूरजभान सिंह ने कहा कि पशुपति पारस को पार्टी का निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। गुरुवार की सुबह 11 बजे से 3 बजे तक चली कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया। 71 सदस्यों ने एक मत से समर्थन दिया है। 

दो गुटों में बटी लोजपा
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से लोक जनशक्ति पार्टी ( लोजपा) पर कब्जे की लड़ाई चल रही थी। पार्टी चाचा पशुपति कुमार पारस और भतीजा चिराग पासवान के बीच बंट गई ।इससे पहले दोनों गुटों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर गए थे। दिल्ली से लेकर पटना तक दोनों गुटों के कार्यकर्ता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने में जुटे रहे। पशुपति पारस पार्टी में तानाशाही का आरोप लगा रहे हैं। तो चिराग पासवान चाचा पर विश्वासघात का आरोप लगा रहे हैं। 

विस्तार

 लोक जनशक्ति पार्टी आखिरकार दो गुटों में बंट गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए पशुपति कुमार पारस को अध्यक्ष चुन लिया गया है। गुरुवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पारस को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। गुरुवार की शाम लोजपा कार्यालय से इसका औपचारिक एलान भी कर दिया गया।  राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पशुपति पारस के नाम पर सांसदों ने एकमत से सहमति जताई। पार्टी की कमान संभालने के बाद पशुपति पारस ने चिराग पासवान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भतीजा तानाशाह हो जाएगा तो चाचा क्या करेगा। पार्टी प्रजातंत्र से चलती है और प्रजातंत्र है कोई जिंदगी भर अध्यक्ष नहीं रह सकता। 

अध्यक्ष बनने के बाद पशुपति पारस पांचों सांसदों और अन्य नेताओं के साथ पटना के लोजपा कार्यालय पहुंचे। वहां पर दिवंगत नेता और बड़े भाई रामविलास पासवान और रामचंद्र पासवान की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। पशुपति पारस ने कहा कि मेरी पार्टी के लोगों ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैं, मैं भरोसा दिलाता हूं कि पार्टी और जनता का विश्वास कभी नहीं टूटेगा। इस दौरान पशुपति पारस ने बड़े भाई रामविलास पासवान का भी जिक्र किया। पारस ने कहा कि बड़े भाई का सपना था कि समाज में गिरे तबके के लोगों के जीवनयापन में बदलाव लाना है,  बड़े भाई का सपना पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा। 

सूरजभान सिंह के आवास पर चली बैठक

इससे पहले लोजपा नेता सूरजभान सिंह के कंकड़बाग टीवी टॉवर स्थित उनके आवास पर चार घंटे से अधिक बैठक हुई। इसमें 10 प्रस्तावकों ने पारस का नाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए रखा। सूरजभान सिंह ने कहा कि पशुपति पारस को पार्टी का निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। गुरुवार की सुबह 11 बजे से 3 बजे तक चली कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया। 71 सदस्यों ने एक मत से समर्थन दिया है। 

दो गुटों में बटी लोजपा

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से लोक जनशक्ति पार्टी ( लोजपा) पर कब्जे की लड़ाई चल रही थी। पार्टी चाचा पशुपति कुमार पारस और भतीजा चिराग पासवान के बीच बंट गई ।इससे पहले दोनों गुटों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर गए थे। दिल्ली से लेकर पटना तक दोनों गुटों के कार्यकर्ता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने में जुटे रहे। पशुपति पारस पार्टी में तानाशाही का आरोप लगा रहे हैं। तो चिराग पासवान चाचा पर विश्वासघात का आरोप लगा रहे हैं। 



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