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Antony Blinken India Visit, Us Secretary Of State Antony Blinken Meets Eam S Jaishankar And Nsa Ajit Doval On His Maiden India Visit – अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन बोले: कोरोना के खात्मे के लिए दोनों देश प्रतिबद्ध, मदद के लिए हम भारत के प्रति कृतज्ञ


एएनआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 28 Jul 2021 05:01 PM IST

सार

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बुधवार को अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक के बाद ब्लिंकन और जयशंकर ने एक प्रेसवार्ता की। यहां ब्लिंकन ने कहा कि मैं उस काम की गहराई से सराहना करता हूं जो हम एक साथ करने में सक्षम हैं और जो काम हम आने वाले महीनों में एक साथ करने जा रहे हैं। 

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प्रेसवार्ता में डॉ. जयशंकर ने कहा कि आज हमने टीका उत्पागन को बढ़ाने पर चर्चा की जिससे इसे पूरी दुनिया में कम कीमत पर और आसानी से हर कहीं उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने भारत में टीका उत्पादन के लिए कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला जारी रखने के लिए बाइडन प्रशासन को धन्यवाद कहा। उन्होंने कहा, कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान हमें अमेरिका से जिस तरह का सहयोग मिला वह सच में असाधारण है। 

वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने कहा कि दुनिया में कुछ ही संबंध ऐसे हैं जो अमेरिका और भारत के बीच के रिश्ते से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। हम दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और हमारी विविधता हमारी राष्ट्रीय शक्ति को और बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि हम विश्व की जो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। भारत और अमेरिका के नागरिक अपने लाखों की संख्या में मौजूद पारिवारिक संबंधों और अपने साझा मूल्यों के माध्यम से एकजुट हैं।

ब्लिंकन ने कहा, भारत में वापस आकर खुशी हो रही हैं। मैं यहां 40 साल पहले अपने परिवार के साथ आया था। उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने दोनों देशों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। महामारी की शुरुआत में भारत की ओर से जो मदद हमें मिली उसे हम कृतज्ञता के साथ याद करते हैं। मुझे गर्व है कि हम भारत की मदद कर सके। अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने कहा कि हम इस जानलेवा महामारी को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, हमने अफगानिस्तान समेत क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिका और भारत शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर अफगानिस्तान चाहते हैं। क्षेत्र में एक मजबूत भागीदार के तौर पर भारत अफगानिस्तान में विकास और स्थायित्व सुनिश्चित करने में अपना अहम योगदान देता रहा है और देता रहेगा। हम अफगानिस्तान में लोकतांत्रिक स्थिरता लाने के लिए और वहां के लोगों के हित के लिए हम काम करना जारी रखेंगे।

ब्लिंकन ने कहा कि हमने अफगानिस्तान से अपने सैनिक वापस बुला लिए हैं लेकिन हम वहां से जुड़े रहेंगे। वहां हमारा न केवल मजबूत दूतावास है बल्कि ऐसे कई महत्वपूर्ण प्रोग्राम हैं जो विकास और सुरक्षा सहायता के जरिए इस देश के विकास में मदद करते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हम अफगानिस्तान में चल रहे हिंसक संघर्ष के समाधान के लिए दोनों पक्षों को एक साथ लाने के लिए काम करने की कूटनीति पर लगातार काम कर रहे हैं।

आज सुबह ही ब्लिंकन ने राष्ट्रीय सुरक्षा सचिव (NSA) अजीत डोभाल से साउथ ब्लॉक जाकर मुलाकात की। इस दौरान कोविड-19 और इंडो-पैसिफिक समेत अनेकों अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।  

विस्तार

प्रेसवार्ता में डॉ. जयशंकर ने कहा कि आज हमने टीका उत्पागन को बढ़ाने पर चर्चा की जिससे इसे पूरी दुनिया में कम कीमत पर और आसानी से हर कहीं उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने भारत में टीका उत्पादन के लिए कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला जारी रखने के लिए बाइडन प्रशासन को धन्यवाद कहा। उन्होंने कहा, कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान हमें अमेरिका से जिस तरह का सहयोग मिला वह सच में असाधारण है। 

वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने कहा कि दुनिया में कुछ ही संबंध ऐसे हैं जो अमेरिका और भारत के बीच के रिश्ते से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। हम दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और हमारी विविधता हमारी राष्ट्रीय शक्ति को और बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि हम विश्व की जो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। भारत और अमेरिका के नागरिक अपने लाखों की संख्या में मौजूद पारिवारिक संबंधों और अपने साझा मूल्यों के माध्यम से एकजुट हैं।

ब्लिंकन ने कहा, भारत में वापस आकर खुशी हो रही हैं। मैं यहां 40 साल पहले अपने परिवार के साथ आया था। उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने दोनों देशों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। महामारी की शुरुआत में भारत की ओर से जो मदद हमें मिली उसे हम कृतज्ञता के साथ याद करते हैं। मुझे गर्व है कि हम भारत की मदद कर सके। अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने कहा कि हम इस जानलेवा महामारी को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, हमने अफगानिस्तान समेत क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिका और भारत शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर अफगानिस्तान चाहते हैं। क्षेत्र में एक मजबूत भागीदार के तौर पर भारत अफगानिस्तान में विकास और स्थायित्व सुनिश्चित करने में अपना अहम योगदान देता रहा है और देता रहेगा। हम अफगानिस्तान में लोकतांत्रिक स्थिरता लाने के लिए और वहां के लोगों के हित के लिए हम काम करना जारी रखेंगे।

ब्लिंकन ने कहा कि हमने अफगानिस्तान से अपने सैनिक वापस बुला लिए हैं लेकिन हम वहां से जुड़े रहेंगे। वहां हमारा न केवल मजबूत दूतावास है बल्कि ऐसे कई महत्वपूर्ण प्रोग्राम हैं जो विकास और सुरक्षा सहायता के जरिए इस देश के विकास में मदद करते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हम अफगानिस्तान में चल रहे हिंसक संघर्ष के समाधान के लिए दोनों पक्षों को एक साथ लाने के लिए काम करने की कूटनीति पर लगातार काम कर रहे हैं।

आज सुबह ही ब्लिंकन ने राष्ट्रीय सुरक्षा सचिव (NSA) अजीत डोभाल से साउथ ब्लॉक जाकर मुलाकात की। इस दौरान कोविड-19 और इंडो-पैसिफिक समेत अनेकों अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।  



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