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Pakistan To Restrict Entry Of Afghan Evacuees To Only Islamabad – पाक का पैंतरा : अफगानिस्तान से निकाले गए लोगों को सिर्फ इस्लामाबाद में रखेगा, अमेरिकी पेशकश सशर्त मंजूर


वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 29 Aug 2021 12:10 AM IST

सार

पाकिस्तान सरकार ने अफगानिस्तान से निकाले जा रहे दूसरे देशों के लोगों को अपने देश में कुछ समय के लिए ठहरने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन उन्हें इस्लामाबाद के अलावा कहीं नहीं रखा जाएगा। अमेरिका ने पाक से इन लोगों को रखने की इजाजत मांगी थी।

अफगानिस्तान संकट
– फोटो : पीटीआई

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अफगान मामले में पाकिस्तान भी फूंक फूंक कर कदम उठा रहा है। शनिवार को उसने अफगानिस्तान से निकाले जा रहे लोगों को सीमित समय के लिए अपने देश में रखने की इजाजत तो दे दी, लेकिन उन्हें राजधानी इस्लामाबाद के अलावा कहीं और नहीं ठहराने का फैसला किया। अमेरिका ने इसके लिए उससे मंजूरी मांगी थी, जो कि उसने इस शर्त के साथ दी है।

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने कराची व लाहौर को भी ट्रांसपोर्ट बेस बनाने की अपनी योजना टाल दी है। अफगानिस्तान से अमेरिका द्वारा निकाले जा रहे लोगों को वह कुछ समय के लिए सिर्फ इस्लामाबाद में ही रखेगा। इनमें अधिकांश लोग ट्रांजिट पैसेंजर हैं, उन्हें दूसरे देश जाना है। 

इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने पाकिस्तान सरकार से अफगानिस्तान से उसके निकासी प्रयासों में मदद की गुहार लगाई थी। अमेरिका चाहता है कि 31 अगस्त तक पूरी तरह अफगानिस्तान छोड़ने की उसकी योजना को पूरा किया जा सके। इसलिए वह काबुल से फटाफट अपने व अन्य देशों के लोगों को निकाल कर फिलहाल पाकिस्तान में ठहराना चाहता है। अमेरिका 20 साल बाद अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस ले जा रहा है। 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमले के बाद उसने यहां अपनी सेना भेजी थी। 

अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी दूतावास ने अमेरिकी राजनयिकों व नागरिकों, अफगान नागरिकों व अन्य देशों के लोगों को निकाल रहे अमेरिकी विमानों को उतारने व यात्रियों को पाक में ठहराने की इजाजत मांगी थी। 

अफगानों समेत करीब 4000 लोगों ने युद्ध के दौरान नाटो व अन्य देशों की सेना की मदद की थी। उन्हें अमेरिका ले जाने से पहले इस्लामाबाद व कराची में ठहराने की योजना थी। लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने जियो न्यूज को बताया कि पाकिस्तान की संघीय सरकार कराची व लाहौर एयरपोर्ट का इस्तेमाल वैकल्पिक रूप से ही करना चाहती है। वह अफगानिस्तान से निकाले जा रहे लोगों को सिर्फ इस्लामाबाद तक ही सीमित रखना चाहती है। 

अब ट्रांजिट यात्रियों को इस्लामाबाद में ही कुछ घंटे ठहराया जाएगा, इसके बाद वे यहां से अन्य देशों की पूर्व निर्धारित यात्रा पर रवाना होंगे। सूत्रों ने जियो न्यूज को बताया कि सिर्फ आपात स्थिति में ही उन्हें इस्लामाबाद की होटलों में ठहरने की इजाजत होगी। सुरक्षा कारणों से कराची व लाहौर में इन यात्रियों के प्रवेश को रोक दिया गया है। इसे देखते हुए इस्लामाबाद एयरपोर्ट और उससे जुड़े मुख्य हाईवे की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है। 

विस्तार

अफगान मामले में पाकिस्तान भी फूंक फूंक कर कदम उठा रहा है। शनिवार को उसने अफगानिस्तान से निकाले जा रहे लोगों को सीमित समय के लिए अपने देश में रखने की इजाजत तो दे दी, लेकिन उन्हें राजधानी इस्लामाबाद के अलावा कहीं और नहीं ठहराने का फैसला किया। अमेरिका ने इसके लिए उससे मंजूरी मांगी थी, जो कि उसने इस शर्त के साथ दी है।

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने कराची व लाहौर को भी ट्रांसपोर्ट बेस बनाने की अपनी योजना टाल दी है। अफगानिस्तान से अमेरिका द्वारा निकाले जा रहे लोगों को वह कुछ समय के लिए सिर्फ इस्लामाबाद में ही रखेगा। इनमें अधिकांश लोग ट्रांजिट पैसेंजर हैं, उन्हें दूसरे देश जाना है। 

इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने पाकिस्तान सरकार से अफगानिस्तान से उसके निकासी प्रयासों में मदद की गुहार लगाई थी। अमेरिका चाहता है कि 31 अगस्त तक पूरी तरह अफगानिस्तान छोड़ने की उसकी योजना को पूरा किया जा सके। इसलिए वह काबुल से फटाफट अपने व अन्य देशों के लोगों को निकाल कर फिलहाल पाकिस्तान में ठहराना चाहता है। अमेरिका 20 साल बाद अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस ले जा रहा है। 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमले के बाद उसने यहां अपनी सेना भेजी थी। 

अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी दूतावास ने अमेरिकी राजनयिकों व नागरिकों, अफगान नागरिकों व अन्य देशों के लोगों को निकाल रहे अमेरिकी विमानों को उतारने व यात्रियों को पाक में ठहराने की इजाजत मांगी थी। 

अफगानों समेत करीब 4000 लोगों ने युद्ध के दौरान नाटो व अन्य देशों की सेना की मदद की थी। उन्हें अमेरिका ले जाने से पहले इस्लामाबाद व कराची में ठहराने की योजना थी। लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने जियो न्यूज को बताया कि पाकिस्तान की संघीय सरकार कराची व लाहौर एयरपोर्ट का इस्तेमाल वैकल्पिक रूप से ही करना चाहती है। वह अफगानिस्तान से निकाले जा रहे लोगों को सिर्फ इस्लामाबाद तक ही सीमित रखना चाहती है। 

अब ट्रांजिट यात्रियों को इस्लामाबाद में ही कुछ घंटे ठहराया जाएगा, इसके बाद वे यहां से अन्य देशों की पूर्व निर्धारित यात्रा पर रवाना होंगे। सूत्रों ने जियो न्यूज को बताया कि सिर्फ आपात स्थिति में ही उन्हें इस्लामाबाद की होटलों में ठहरने की इजाजत होगी। सुरक्षा कारणों से कराची व लाहौर में इन यात्रियों के प्रवेश को रोक दिया गया है। इसे देखते हुए इस्लामाबाद एयरपोर्ट और उससे जुड़े मुख्य हाईवे की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है। 



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