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Mobile Service Restored In The Valley After 46 Hours, Internet Service From Tomorrow Afternoon – जम्मू-कश्मीर : घाटी में 46 घंटे बाद मोबाइल सेवा बहाल, इंटरनेट सेवा कल दोपहर से 


अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 04 Sep 2021 12:50 AM IST

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कश्मीर घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में होने के कारण सभी दूरसंचार सेवा प्रदात्ताओं की मोबाइल टेलीफोन सेवाएं और फिक्स्ड लाइन इंटरनेट सेवाएं 46 घंटे बाद शुक्रवार को रात 10 बजे बहाल कर दी गईं। मोबाइल इंटरनेट सेवा रविवार को दोपहर में शुरू होंगी। गौरतलब है कि कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की मौत के मद्देनजर एहतियात के तौर पर बुधवार रात बीएसएनएल के पोस्टपेड को छोड़कर सारी मोबाइल सेवाएं पूरी घाटी में बंद कर दी गई थीं। बीएसएनएल के ब्रॉडबैंड और भारत फाइबर को छोड़कर फिक्स्ड लाइन पर इंटरनेट और मोबाइल इंटरनेट पर भी रोक लगा दी गई थी।

इस बीच दूसरे दिन शुक्रवार को भी कश्मीर घाटी में पाबंदियां जारी रहीं। मोबाइल सेवा तथा रेल सेवा ठप रही। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर आवागमन भी लगातार दूसरे दिन बंद रहा। इससे रास्ते में हजारों वाहन फंसे हुए हैं। शुक्रवार की नमाज को देखते हुए डाउनटाउन तथा आसपास के इलाकों में सुरक्षा तगड़ी रखी गई थी। गिलानी के हैदरपोरा स्थित आवास की ओर जाने वाले रास्ते को सील रखा गया था। अन्य इलाकों में बैरिकेड्स लगाए गए थे ताकि लोगों की आवाजाही नियंत्रित की जा सके। 

उधर, पुलिस महानिदेशक  दिलबाग सिंह ने कहा कि कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के निधन के बाद कश्मीर घाटी में हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है और लोगों ने अधिकारियों के साथ सहयोग किया है। जल्द ही स्थिति की समीक्षा कर मोबाइल सेवा बहाल कर दी जाएगी। डीजीपी ने कहा कि हालात बिल्कुल नियंत्रण में है। पिछले दो दिनों में एक भी अवांछित घटना नहीं हुई है। लोगों ने सहयोग किया और सुरक्षा बल काफ ी संयम से काम कर रहे हैं। मैं हर जगह शांति बनाए रखने के लिए लोगों को बधाई देता हूं। जल्द ही एक समीक्षा बैठक में संचार सेवाओं पर प्रतिबंधों में ढील देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। मुझे लगता है कि हम इसे जल्द ही बहाल कर देंगे।

अफगानिस्तान की स्थिति का कश्मीर पर असर नहीं
अफ गानिस्तान की स्थिति का कश्मीर में असर के संबंध में कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, सब कुछ ठीक है। घाटी के कुछ युवाओं के तालिबान में शामिल होने की खबरों के बारे में कहा कि यह पूरी तरह गलत और फ र्जी खबर है। सोशल मीडिया पर इस तरह की फ र्जी खबरें पाकिस्तान और पाकिस्तान समर्थक एजेंटों का दुष्प्रचार है। सब कुछ ठीक है। युवा क्रिकेट, वॉलीबॉल, रग्बी खेल रहे हैं। क्या आप उन तस्वीरों को नहीं देखते हैं? यहां का हर बच्चा अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहता है और कोई भी उस रास्ते पर नहीं जा रहा है।

कश्मीर विवि की आज की परीक्षाएं स्थगित
कश्मीर विश्वविद्यालय की चार सितंबर को होने वाली स्नातक व स्नातकोत्तर की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. इरशाद ए नावचू ने बताया कि नई तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी।

नजरबंदी के कारण अंतिम संस्कार में मीरवाइज का शामिल न होने दुर्भाग्यपूर्ण
मीरवाइज उमर फ ारूक नीत हुर्रियत कांफ्रें स ने कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के निधन पर शुक्रवार को दुख जताया और कहा कि उनके निधन से एक युग का अंत हो गया। जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया। संगठन के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रें स की स्थापना के साथ ही गिलानी ने मीरवाइज को हरसंभव और गंभीरता से समर्थन दिया ताकि उसके मिशन और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा सके। हुर्रियत ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि अपनी राजनीतिक यात्रा में लंबे समय तक गिलानी के साथ समय बिताने वाले मीरवाइज नजरबंद होने के कारण उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके।

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कश्मीर घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में होने के कारण सभी दूरसंचार सेवा प्रदात्ताओं की मोबाइल टेलीफोन सेवाएं और फिक्स्ड लाइन इंटरनेट सेवाएं 46 घंटे बाद शुक्रवार को रात 10 बजे बहाल कर दी गईं। मोबाइल इंटरनेट सेवा रविवार को दोपहर में शुरू होंगी। गौरतलब है कि कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की मौत के मद्देनजर एहतियात के तौर पर बुधवार रात बीएसएनएल के पोस्टपेड को छोड़कर सारी मोबाइल सेवाएं पूरी घाटी में बंद कर दी गई थीं। बीएसएनएल के ब्रॉडबैंड और भारत फाइबर को छोड़कर फिक्स्ड लाइन पर इंटरनेट और मोबाइल इंटरनेट पर भी रोक लगा दी गई थी।

इस बीच दूसरे दिन शुक्रवार को भी कश्मीर घाटी में पाबंदियां जारी रहीं। मोबाइल सेवा तथा रेल सेवा ठप रही। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर आवागमन भी लगातार दूसरे दिन बंद रहा। इससे रास्ते में हजारों वाहन फंसे हुए हैं। शुक्रवार की नमाज को देखते हुए डाउनटाउन तथा आसपास के इलाकों में सुरक्षा तगड़ी रखी गई थी। गिलानी के हैदरपोरा स्थित आवास की ओर जाने वाले रास्ते को सील रखा गया था। अन्य इलाकों में बैरिकेड्स लगाए गए थे ताकि लोगों की आवाजाही नियंत्रित की जा सके। 

उधर, पुलिस महानिदेशक  दिलबाग सिंह ने कहा कि कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के निधन के बाद कश्मीर घाटी में हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है और लोगों ने अधिकारियों के साथ सहयोग किया है। जल्द ही स्थिति की समीक्षा कर मोबाइल सेवा बहाल कर दी जाएगी। डीजीपी ने कहा कि हालात बिल्कुल नियंत्रण में है। पिछले दो दिनों में एक भी अवांछित घटना नहीं हुई है। लोगों ने सहयोग किया और सुरक्षा बल काफ ी संयम से काम कर रहे हैं। मैं हर जगह शांति बनाए रखने के लिए लोगों को बधाई देता हूं। जल्द ही एक समीक्षा बैठक में संचार सेवाओं पर प्रतिबंधों में ढील देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। मुझे लगता है कि हम इसे जल्द ही बहाल कर देंगे।

अफगानिस्तान की स्थिति का कश्मीर पर असर नहीं

अफ गानिस्तान की स्थिति का कश्मीर में असर के संबंध में कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, सब कुछ ठीक है। घाटी के कुछ युवाओं के तालिबान में शामिल होने की खबरों के बारे में कहा कि यह पूरी तरह गलत और फ र्जी खबर है। सोशल मीडिया पर इस तरह की फ र्जी खबरें पाकिस्तान और पाकिस्तान समर्थक एजेंटों का दुष्प्रचार है। सब कुछ ठीक है। युवा क्रिकेट, वॉलीबॉल, रग्बी खेल रहे हैं। क्या आप उन तस्वीरों को नहीं देखते हैं? यहां का हर बच्चा अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहता है और कोई भी उस रास्ते पर नहीं जा रहा है।

कश्मीर विवि की आज की परीक्षाएं स्थगित

कश्मीर विश्वविद्यालय की चार सितंबर को होने वाली स्नातक व स्नातकोत्तर की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. इरशाद ए नावचू ने बताया कि नई तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी।

नजरबंदी के कारण अंतिम संस्कार में मीरवाइज का शामिल न होने दुर्भाग्यपूर्ण

मीरवाइज उमर फ ारूक नीत हुर्रियत कांफ्रें स ने कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के निधन पर शुक्रवार को दुख जताया और कहा कि उनके निधन से एक युग का अंत हो गया। जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया। संगठन के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रें स की स्थापना के साथ ही गिलानी ने मीरवाइज को हरसंभव और गंभीरता से समर्थन दिया ताकि उसके मिशन और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा सके। हुर्रियत ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि अपनी राजनीतिक यात्रा में लंबे समय तक गिलानी के साथ समय बिताने वाले मीरवाइज नजरबंद होने के कारण उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके।



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