en English
en English

Delhi-ncr’s Air Most Toxic, Noida And Bulandshahr Most Polluted Cities In The Country – दमघोंटू : दिल्ली-एनसीआर की हवा सबसे जहरीली, नोएडा और बुलंदशहर सबसे प्रदूषित शहर, घर से न निकलें लोग


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 13 Nov 2021 12:29 AM IST

सार

सीपीसीबी की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक इस सीजन में पहली बार नोएडा और बुलंदशहर शुक्रवार को देश का सबसे प्रदूषित रहा। इसका कारण मिक्सिंग हाइट गिरने व सतह पर हवा की चाल थमने से वेंटिलेशन इंडेक्स का संकरा होना मना जा रहा है। इसके अलावा पराली ने भी अपना असर दिखाया। 

दिल्ली में इस तरह छाया रही धुंध।

दिल्ली में इस तरह छाया रही धुंध।
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

विस्तार

इस सीजन में पहली बार दिल्ली-एनसीआर की हवा शुक्रवार को सबसे जहरीली दर्ज की गई। नोएडा और बुलंदशहर देश के सबसे प्रदूषित शहर रहे। दोनों शहरों को प्रदूषण स्तर 488 पर पहुंच गया है। वहीं, दिल्ली समेत एनसीआर के सभी शहरों की हवा भी खतरनाक स्तर के करीब पहुंची। इसमें चार कारक सबसे प्रभावी रहे। तापमान कम होने से मिक्सिंग हाइट एक किमी से भी नीचे पहुंच गई। वहीं, सतह पर चलने वाली हवाएं भी थमी सी रहीं। दोनों के मिले-जुले असर वेंटिलेशन इंडेक्स भी संकरा हो गया। इसके साथ ही पराली के धुएं ने भी गहरा असर डाला।

 

पराली के धुएं से भी बढ़ा प्रदूषण

दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 35 फीसदी रहा। चारों कारकों के चक्रव्यूह में फंसने से दिल्ली-एनसीआर की हवाएं दिन भर दमघोंटू बनी रहीं। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिन तक प्रदूषण छंटने के आसार नहीं दिख रहे हैं। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर के शहरों को प्रदूषण स्तर 450 से ऊपर बने रहने की आशंका है। सोमवार को सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल बढ़ने की उम्मीद है। इससे प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है। फिर भी, इसके बेहद खराब और गंभीर स्तर की सीमा पर बने रहे का अनुमान है।

 

सांस के मरीजों के साथ महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को ध्यान देने की जरूरत

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस दौरान लोगों को खुले में किसी तरह की गतिविधि नहीं करनी चाहिए। सांस के मरीजों के साथ महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को काफी ध्यान देने की जरूरत है।सीपीसीबी की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, नोएडा व बुलंदशहर देश का सबसे प्रदूषित रहा। दोनों शहरों को 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 488 रिकार्ड किया गया। वहीं, गाजियाबाद का सूचकांक 486 पर पहुंच गया। जबकि दिल्ली का सूचकांक 471 रहा। एनसीआर के दूसरे शहरों की हवा भी कमोवेश इसी स्तर तक खराब रही। इस सीजन में पहली बार दिल्ली समेत पूरे एनसीआर के लोग 450 से ऊपर की खराब हवा में सांस ले रहे हैं।

 

चार कारकों ने बिगाड़ी हवा

  • मिक्सिंग लेयर हाइट का नीचे खिसक जाना: इसके एक किमी से भी नीचे आ जाने से प्रदूषक धरती की सतह से ज्यादा ऊपर तक नहीं फैल सके।
  • स्थानीय स्तर पर चलने वाली हवाओं की चाल कम: करीब दो मीटर प्रति सेंकेड की चाल से इंडेक्स खराब है। क्षैतिज दिशा में दूर-दूर तक प्रदूषक नहीं फैल सके।
  • मिक्सिंग हाइट नीचे आने और हवा की चाल घटने से वेंटिलेशन इंडेक्स हुआ संकरा: इस वजह से भी दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषकों को दूर तक जाना संभव नहीं हो सका।
  • पराली के धुएं का असर प्रभावी: धुएं का हिस्सा करीब 35 फीसदी होने से दिक्कत ज्यादा बढ़ गई। इस दौरान पराली जलाने की करीब 4056 मामले दर्ज किए गए।

अगले दो दिनों तक हालात सुधरने के आसार नहीं

सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में कमी आने की संकेत नहीं है। दूसरे मौसमी कारकों के साथ तापमान कम होने से हवा की गुणवत्ता गंभीर और खतरनाक स्तर की सीमा रेखा पर बनी रहेगी। इस बीच 13 नवंबर की शाम से पड़ोसी राज्यों से आने वाली हवाओं की चाल कम होगी। फिर भी यह ज्यादा असरदार नहीं होगी।

 

दिल्ली व एनसीआर के सभी शहरों का सूचकांक 450 से ऊपर रहने का अंदेशा है। इसके बाद सहत पर चलने वाली हवाओं की चाल में मामूली तेजी आएगी। इससे प्रदूषक दूर तक फैल सकते हैं और प्रदूषण का स्तर नीचे गिरेगा। फिर भी, हवा की गुणवत्ता बेहद खराब और गंभीर स्तर की सीमा पर बनी रहेगी।

 



Source link

हमें खबर को बेहतर बनाने में सहायता करें

खबर में कोई नई नॉलेज मिली?
क्या आप इसको शेयर करना चाहेंगे?
जानकारी, भाषा, हेडिंग अच्छी है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live COVID-19 statistics for
India
Confirmed
34,648,383
Recovered
0
Deaths
473,757
Last updated: 2 minutes ago

Vistors

10941
Total Visit : 10941