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Utpak Parrikar Warns Bjp Of Taking Tough Decisions If Party Denied Him Ticket From Panaji Assembly Seat In Upcoming Goa Election News In Hindi – उत्पल परिकर का बगावती रुख: भाजपा को दी चेतावनी, अगर टिकट नहीं दिया तो लेने पड़ेंगे ‘सख्त फैसले’


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 18 Nov 2021 10:09 PM IST

सार

गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के बेटे उत्पल परिकर ने भाजपा नेतृत्व से साफ शब्दों में कहा है कि अगर पार्टी ने मुझे पणजी विधानसभा सीट से टिकट नहीं दिया तो मैं सख्त फैसले लूंगा। उत्पल ने पहले भी अपने पिता के निधन के बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने भी भाजपा के प्रति बगावती रुख दिखाया था।

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पूर्व रक्षा मंत्री (दिवंगत)  मनोहर परिकर के बेटे उत्पल परिकर ने गुरुवार को कहा कि अगर गोवा के आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मुझे पणजी से टिकट नहीं दिया तो मुझे कुछ सख्त फैसले लेने पड़ेंगे। गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उन्होंने पणजी विधानसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का अपना फैसला दोहराते हुए विश्वास जताया कि पार्टी उन्हें उस सीट से टिकट देगी जहां से उनके पिता लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करते रहे थे। 

उत्पल ने यह बात अपने जन्मदिन पर पणजी में महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कही। इस सवाल पर कि अगर भाजपा उन्हें टिकट नहीं देती है तो क्या वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, उत्पल ने कहा, ‘मैं अभी इसके बारे में बात नहीं करना चाहता हूं। मनोहर परिकर को जीवन में कुछ भी आसानी से नहीं मिला था। मैं भी इसके लिए मेहनत से काम करूंगा और मैं कुछ कठिन फैसले भी ले सकता हूं। मैंने देवी (महालक्ष्मी) से ताकत मांगी है।’

‘जब फैसला लेने का समय आएगा तो अपने लोगों की बात सुनूंगा’
उन्होंने बताया कि मैं पहले ही भाजपा को बता चुका हूं कि मैं पणजी से चुनाव लड़ना चाहता हूं। मुझे विश्वास है कि मेरी पार्टी मुझे टिकट देगी। भाजपा नेता ने आगे कहा कि मैं उस पार्टी में बना रहना चाहता हूं जिसकी इस राज्य में वृद्धि का श्रेय मनोहर परिकर के प्रयासों को दिया जा सकता है। उन्होंने कहा, जब फैसला लेने का समय आएगा तब मैं अपने लोगों की बात सुनूंगा। हालांकि, इसके आगे उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

भगवा दल ने पणजी उपचुनाव में नहीं दिया था उत्पल को टिकट
गोवा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का निधन साल 2019 में हुआ था। उनकी मृत्यु के बाद पणजी में उपचुनाव करवाए गए थे जिसके लिए भाजपा ने जिन उम्मीदवारों को चयनित किया था उनमें उत्पल परिकर का नाम भी शामिल था। लेकिन बाद में भाजपा ने यहां से सुद्धार्थ कुनकोलिंकर को अपना प्रत्याशी बनाया था। हालांकि, सिद्धार्थ कुनकोलिंकर को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले भाजपा के पास यह सीट लगभग 25 साल से थी।

विस्तार

पूर्व रक्षा मंत्री (दिवंगत)  मनोहर परिकर के बेटे उत्पल परिकर ने गुरुवार को कहा कि अगर गोवा के आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मुझे पणजी से टिकट नहीं दिया तो मुझे कुछ सख्त फैसले लेने पड़ेंगे। गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उन्होंने पणजी विधानसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का अपना फैसला दोहराते हुए विश्वास जताया कि पार्टी उन्हें उस सीट से टिकट देगी जहां से उनके पिता लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करते रहे थे। 

उत्पल ने यह बात अपने जन्मदिन पर पणजी में महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कही। इस सवाल पर कि अगर भाजपा उन्हें टिकट नहीं देती है तो क्या वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, उत्पल ने कहा, ‘मैं अभी इसके बारे में बात नहीं करना चाहता हूं। मनोहर परिकर को जीवन में कुछ भी आसानी से नहीं मिला था। मैं भी इसके लिए मेहनत से काम करूंगा और मैं कुछ कठिन फैसले भी ले सकता हूं। मैंने देवी (महालक्ष्मी) से ताकत मांगी है।’

‘जब फैसला लेने का समय आएगा तो अपने लोगों की बात सुनूंगा’

उन्होंने बताया कि मैं पहले ही भाजपा को बता चुका हूं कि मैं पणजी से चुनाव लड़ना चाहता हूं। मुझे विश्वास है कि मेरी पार्टी मुझे टिकट देगी। भाजपा नेता ने आगे कहा कि मैं उस पार्टी में बना रहना चाहता हूं जिसकी इस राज्य में वृद्धि का श्रेय मनोहर परिकर के प्रयासों को दिया जा सकता है। उन्होंने कहा, जब फैसला लेने का समय आएगा तब मैं अपने लोगों की बात सुनूंगा। हालांकि, इसके आगे उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

भगवा दल ने पणजी उपचुनाव में नहीं दिया था उत्पल को टिकट

गोवा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का निधन साल 2019 में हुआ था। उनकी मृत्यु के बाद पणजी में उपचुनाव करवाए गए थे जिसके लिए भाजपा ने जिन उम्मीदवारों को चयनित किया था उनमें उत्पल परिकर का नाम भी शामिल था। लेकिन बाद में भाजपा ने यहां से सुद्धार्थ कुनकोलिंकर को अपना प्रत्याशी बनाया था। हालांकि, सिद्धार्थ कुनकोलिंकर को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले भाजपा के पास यह सीट लगभग 25 साल से थी।



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